जयपुर
आज साल का आखिरी सूर्यग्रहण
26 दिसंबर को होने वाला सूर्यग्रहण इस बार विशेष परिस्थितियों के साथ हो रहा है। इस दौरान सूर्यग्रहण में छह ग्रह एक. साथ होंगे और यहi भारत में दिखाई दे रहा है।
वर्ष 1962 में बहुत बड़ा सूर्यग्रहण हुआ था, जिसमें सात ग्रह एक साथ थे। इस बार छह ग्रह एक साथ हैं केवल एक ग्रह की कमी है।
26 दिसंबर को लगभग तीन घंटे सूर्यग्रहण होगा। यह सुबह 8:17 पर शुरू होगा, 9:37 पर ग्रहण का मध्यकाल होगा और 10:57 पर ग्रहण का मोक्ष होगा।
सूतक बारह घंटे पहले ही 25 दिसम्बर की रात 8:17 पर लगगेगा। ये सूर्य ग्रहण धनु राशि और मूल नक्षत्र में बनेगा इसलिए व्यक्तिगत रूप से धनु राशि और मूल नक्षत्र में जन्मे लोगों पर इस ग्रहण का विशेष प्रभाव पड़ेगा।
ज्योतिष नजरिये से 26 दिसंबर को होने वाले सूर्य ग्रहण का प्रभाव किसी समान्य सूर्य ग्रहण के मुकाबले बहुत ज्यादा तीव्र होगा क्योंकि इस सूर्य ग्रहण के समय धनु राशि में एक साथ छह ग्रह (सूर्य, चन्द्रमा, शनि, बुध, बृहस्पति, केतु) का योग बनेगा जिससे इस सूर्यग्रहण का प्रभाव बहुत ज्यादा और लंबे समय तक रहने वाला होगा।
25 दिसंबर सात बजकर 20 मिनट से सूतक लग जाएगा। जिसके तहत मंदिर के कपाट और पूजा का कोई भी शुभ कार्य नहीं होगा। 26 दिसंबर को सूर्यग्रहण होगा। काले उड़द, मूंग की दाल आटा, आदि का दान करें।
राशियों पर ग्रहण का प्रभाव
मेष : चिंता, संतान को कष्ट।
वृषभ : शत्रुभय, साधारण लाभ।
मिथुन : स्त्री व पति को कष्ट।
कर्क : रोग की चिंता।
सिंह : खर्च अधिक, कार्य में देरी।
कन्या: कार्य सिद्धि, सफलता।
तुला : आर्थिक विकास, धन लाभ।
वृश्चिक : कार्य में अवरोध, धन हानि।
धनु : दुर्घटना, चोट की चिंता।
मकर : धन का अपव्यय, कार्य में बाधा।
कुम्भ : लाभ, उन्नति के अवसर।
मीन : रोग, कष्ट, भय की प्राप्ति
: 26 दिसंबर को होने वाला सूर्यग्रहण इस बार विशेष होगा। इस ग्रहण का विभिन्न राशियों पर भी प्रभाव पड़ेगा। लेकिन राशि के अनुसार उपाय करने से सब शुभकारी होगा। यहां जानें किस राशि के लोगों को सूर्य ग्रहण के मुताबिक क्या उपाय करने हैं: .
विभिन्न राशियों पर ग्रहण का अलग-अलग प्रभाव होगा।
मेष राशि के भाग्य भाव को प्रभावित करेगा। ईष्ट के मंत्र जाप या हनुमान चालीसा पाठ से लाभ होगा।
वृष राशि के अष्टम भाव को प्रभावित करेगा। गणपति की आराधना से अशुभ प्रभाव कम होगा।
मिथुन के सातवें भाव को प्रभावित करेगा। भगवान विष्णु व श्रीकृष्ण की प्रार्थना करें।
कर्क छठवें भाव के प्रभाव को शिव आराधना से घटाकर शुभता प्राप्त की जा सकेगी।
सिंह राशि के पांचवें भाव पर ग्रहण लगेगा। आदित्य ह्दय स्त्रोत का पाठ करें।
कन्या चतुर्थ भाव के प्रभाव को सूर्यदेव के बीज मंत्र से कम कर सकते हैं।
तुला राशि के तीसरे भाव को ग्रहण प्रभावित करेगा। मां दुर्गा की उपासना से समस्याओं का निदान होगा । वृश्चिक राशि के दूसरे भाव के कारण परेशानी आएगी। सुंदरकांड का पाठ करें।
धनु राशि के लग्न को प्रभावित करेगा। विष्णु सहस्रनाम के पाठ से कष्टों का शमन होगा।
मकर के 12 वें भाव के प्रभाव से आने वाली समस्या शिव उपासना से दूर होगी।
कुंभ के 11 वें भाव को प्रभावित करेगा। सरसों तेल का दीपक जलाएं।
मीन राशि 10 वें भाव के प्रभाव से पिता को कष्ट होगा। निर्धनों को गेहूं का दान करें।
विशेष सावधानी:
1. ग्रहण की संवेदनशीलता को देखते हुए सूतक के नियमों का पालन करें।
2. सूर्यग्रहण को देखने की धृष्टता न करें व निषिद्ध कार्य न करें।
3. बुरी संगत से बचें व अच्छे विचार लाएं, दान से ग्रहण शांति कर सकते हैं ।
रिपोर्टर-रमेश दायमा
आज साल का आखिरी सूर्यग्रहण
26 दिसंबर को होने वाला सूर्यग्रहण इस बार विशेष परिस्थितियों के साथ हो रहा है। इस दौरान सूर्यग्रहण में छह ग्रह एक. साथ होंगे और यहi भारत में दिखाई दे रहा है।
वर्ष 1962 में बहुत बड़ा सूर्यग्रहण हुआ था, जिसमें सात ग्रह एक साथ थे। इस बार छह ग्रह एक साथ हैं केवल एक ग्रह की कमी है।
26 दिसंबर को लगभग तीन घंटे सूर्यग्रहण होगा। यह सुबह 8:17 पर शुरू होगा, 9:37 पर ग्रहण का मध्यकाल होगा और 10:57 पर ग्रहण का मोक्ष होगा।
सूतक बारह घंटे पहले ही 25 दिसम्बर की रात 8:17 पर लगगेगा। ये सूर्य ग्रहण धनु राशि और मूल नक्षत्र में बनेगा इसलिए व्यक्तिगत रूप से धनु राशि और मूल नक्षत्र में जन्मे लोगों पर इस ग्रहण का विशेष प्रभाव पड़ेगा।
ज्योतिष नजरिये से 26 दिसंबर को होने वाले सूर्य ग्रहण का प्रभाव किसी समान्य सूर्य ग्रहण के मुकाबले बहुत ज्यादा तीव्र होगा क्योंकि इस सूर्य ग्रहण के समय धनु राशि में एक साथ छह ग्रह (सूर्य, चन्द्रमा, शनि, बुध, बृहस्पति, केतु) का योग बनेगा जिससे इस सूर्यग्रहण का प्रभाव बहुत ज्यादा और लंबे समय तक रहने वाला होगा।
25 दिसंबर सात बजकर 20 मिनट से सूतक लग जाएगा। जिसके तहत मंदिर के कपाट और पूजा का कोई भी शुभ कार्य नहीं होगा। 26 दिसंबर को सूर्यग्रहण होगा। काले उड़द, मूंग की दाल आटा, आदि का दान करें।
राशियों पर ग्रहण का प्रभाव
मेष : चिंता, संतान को कष्ट।
वृषभ : शत्रुभय, साधारण लाभ।
मिथुन : स्त्री व पति को कष्ट।
कर्क : रोग की चिंता।
सिंह : खर्च अधिक, कार्य में देरी।
कन्या: कार्य सिद्धि, सफलता।
तुला : आर्थिक विकास, धन लाभ।
वृश्चिक : कार्य में अवरोध, धन हानि।
धनु : दुर्घटना, चोट की चिंता।
मकर : धन का अपव्यय, कार्य में बाधा।
कुम्भ : लाभ, उन्नति के अवसर।
मीन : रोग, कष्ट, भय की प्राप्ति
: 26 दिसंबर को होने वाला सूर्यग्रहण इस बार विशेष होगा। इस ग्रहण का विभिन्न राशियों पर भी प्रभाव पड़ेगा। लेकिन राशि के अनुसार उपाय करने से सब शुभकारी होगा। यहां जानें किस राशि के लोगों को सूर्य ग्रहण के मुताबिक क्या उपाय करने हैं: .
विभिन्न राशियों पर ग्रहण का अलग-अलग प्रभाव होगा।
मेष राशि के भाग्य भाव को प्रभावित करेगा। ईष्ट के मंत्र जाप या हनुमान चालीसा पाठ से लाभ होगा।
वृष राशि के अष्टम भाव को प्रभावित करेगा। गणपति की आराधना से अशुभ प्रभाव कम होगा।
मिथुन के सातवें भाव को प्रभावित करेगा। भगवान विष्णु व श्रीकृष्ण की प्रार्थना करें।
कर्क छठवें भाव के प्रभाव को शिव आराधना से घटाकर शुभता प्राप्त की जा सकेगी।
सिंह राशि के पांचवें भाव पर ग्रहण लगेगा। आदित्य ह्दय स्त्रोत का पाठ करें।
कन्या चतुर्थ भाव के प्रभाव को सूर्यदेव के बीज मंत्र से कम कर सकते हैं।
तुला राशि के तीसरे भाव को ग्रहण प्रभावित करेगा। मां दुर्गा की उपासना से समस्याओं का निदान होगा । वृश्चिक राशि के दूसरे भाव के कारण परेशानी आएगी। सुंदरकांड का पाठ करें।
धनु राशि के लग्न को प्रभावित करेगा। विष्णु सहस्रनाम के पाठ से कष्टों का शमन होगा।
मकर के 12 वें भाव के प्रभाव से आने वाली समस्या शिव उपासना से दूर होगी।
कुंभ के 11 वें भाव को प्रभावित करेगा। सरसों तेल का दीपक जलाएं।
मीन राशि 10 वें भाव के प्रभाव से पिता को कष्ट होगा। निर्धनों को गेहूं का दान करें।
विशेष सावधानी:
1. ग्रहण की संवेदनशीलता को देखते हुए सूतक के नियमों का पालन करें।
2. सूर्यग्रहण को देखने की धृष्टता न करें व निषिद्ध कार्य न करें।
3. बुरी संगत से बचें व अच्छे विचार लाएं, दान से ग्रहण शांति कर सकते हैं ।
रिपोर्टर-रमेश दायमा


0 टिप्पणियाँ