सोजत पाली
नातियां मुशायरा आयोजित। पेश किये गये बेहतरीन कलाम।
कर रहे हैं गुफ्तगू आपस में फूल। आओ मिलकर हम करें जिक्रे रसूल। प्यार कर प्यारे नबी से प्यार कर। प्यार से भी प्यारे हैं प्यारे रसूल। इस तरह के बेहतरीन नातियां कलाम उज्जैन के ख्यातनाम शायर मुनव्वर अली ताज ने भाटीपुरा, कुचेरा में आयोजित नातियां मुशायरा में पेश कर खूब दाद पाई। सोजत सिटी- के ख्यातनाम शायर अब्दुल समद राही ने मक्का मैं जाऊं, मदीना मैं जाऊं।
मदीने की गलियों में झूमूं गाऊं। सुनाकर कार्यक्रम को ऊंच्चाईयां प्रदान की।
हाजी अब्दुल मजीद सिलावट कुचेरा, बीकानेर के शायर कासिम बीकानेरी, नाजिया सिलावट, कुचेरा, मोहम्मद अफजल चौहान आदि ने भी अपने उम्दा कलाम पेश किये।
कार्यक्रम में मोहम्मद फारूक, अशरफ़ खान, मोहम्मद अली, जुबैर सिलावट, जावेद चौहान, आदि ने अपनी भागीदारी निभाई। संचालन अब्दुल समद राही ने किया मोहम्मद साकिर सिलावट ने सभी का शुक्रिया अदा किया।
सुरेश पंवार
नातियां मुशायरा आयोजित। पेश किये गये बेहतरीन कलाम।
कर रहे हैं गुफ्तगू आपस में फूल। आओ मिलकर हम करें जिक्रे रसूल। प्यार कर प्यारे नबी से प्यार कर। प्यार से भी प्यारे हैं प्यारे रसूल। इस तरह के बेहतरीन नातियां कलाम उज्जैन के ख्यातनाम शायर मुनव्वर अली ताज ने भाटीपुरा, कुचेरा में आयोजित नातियां मुशायरा में पेश कर खूब दाद पाई। सोजत सिटी- के ख्यातनाम शायर अब्दुल समद राही ने मक्का मैं जाऊं, मदीना मैं जाऊं।
मदीने की गलियों में झूमूं गाऊं। सुनाकर कार्यक्रम को ऊंच्चाईयां प्रदान की।
हाजी अब्दुल मजीद सिलावट कुचेरा, बीकानेर के शायर कासिम बीकानेरी, नाजिया सिलावट, कुचेरा, मोहम्मद अफजल चौहान आदि ने भी अपने उम्दा कलाम पेश किये।
कार्यक्रम में मोहम्मद फारूक, अशरफ़ खान, मोहम्मद अली, जुबैर सिलावट, जावेद चौहान, आदि ने अपनी भागीदारी निभाई। संचालन अब्दुल समद राही ने किया मोहम्मद साकिर सिलावट ने सभी का शुक्रिया अदा किया।
सुरेश पंवार



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