पाली,जेतारण कृषि मंडी में मूंग की घपलेबाजी, मंडी प्रशासन की चुप्पी
पाली जेतारण
बाईट-व्यवस्थापक
गुणाराम सोलंकी
जैतारण कृषिमंडी में समर्थन मुल्य के मूंग में करोड़ों की हेरा फेरी ,हजारों किलो मूंग घायब और साफ सुथरे मूंग में सड़ा हुआ मूंग बाहर से मंगवा कर की गई मिलावट ,बड़े अधिकारियों ने साध रखी हैं चुप्पी, नहीं पहुंचा जॉच के लिए कोई उच्चाधिकारी ,
सवाल यह उठ रहा कि
किसने करवाई मिलावट?
किसने किया मूंग गायब?
बाहर से मिलावट के लिए कैसे मंडीं में पहुंचा कचरा?
तीन हजार के करीब मूंग के कट्टे कहॉ हो गये गायब?
असली मूंग के बदले कचरे में कैसे बदल गये कट्टे?
व्यवस्थापक गुणाराम सोलंकी ने बताया कि मशीन लगा कर छानने का काम चालू किया हैं और नये सिरे से सही वजन के साथ पैकिंग की जा रही है ,पूरा माल सही तरीके से छानने के बाद वजन करने के बाद ही पता चलेगा कितना मूंग गायब हुआ हैं,
लेकिन मामला उजागर होने के बाद भी बड़े अधिकारियों की चुप्पी समझ से परे हैं ,इस मामले में अधिकारियों की शुरू से अंत तक मिली भगत की तरफ इशारा कर रहे हैं, जब मीडिया द्वारा इस घपलेबाजी का ब्यूरो अधिकारी से जानना चाहा गया कुछ भी कहने से कतरा रहे मीडिया के सामने नही आ रहे नही बाईट दे रहे।
सरकारी माल में मिलावट एवं मूंग गायब होना अति गंभीर मामला है इससे सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हो सकता है ऐसे हालात में उपखंड अधिकारी रजिस्टर मंडी प्रशासन और मंडी समिति की ओर से तुरंत जांच के आदेश जारी किए जाने चाहिए थे लेकिन कोई भी अधिकारी इस पर बोलने को तैयार नहीं है ऐसे में इनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं ।
सुरेश पंवार
पाली जेतारण
गुणाराम सोलंकी
जैतारण कृषिमंडी में समर्थन मुल्य के मूंग में करोड़ों की हेरा फेरी ,हजारों किलो मूंग घायब और साफ सुथरे मूंग में सड़ा हुआ मूंग बाहर से मंगवा कर की गई मिलावट ,बड़े अधिकारियों ने साध रखी हैं चुप्पी, नहीं पहुंचा जॉच के लिए कोई उच्चाधिकारी ,
सवाल यह उठ रहा कि
किसने करवाई मिलावट?
किसने किया मूंग गायब?
बाहर से मिलावट के लिए कैसे मंडीं में पहुंचा कचरा?
तीन हजार के करीब मूंग के कट्टे कहॉ हो गये गायब?
असली मूंग के बदले कचरे में कैसे बदल गये कट्टे?
व्यवस्थापक गुणाराम सोलंकी ने बताया कि मशीन लगा कर छानने का काम चालू किया हैं और नये सिरे से सही वजन के साथ पैकिंग की जा रही है ,पूरा माल सही तरीके से छानने के बाद वजन करने के बाद ही पता चलेगा कितना मूंग गायब हुआ हैं,
लेकिन मामला उजागर होने के बाद भी बड़े अधिकारियों की चुप्पी समझ से परे हैं ,इस मामले में अधिकारियों की शुरू से अंत तक मिली भगत की तरफ इशारा कर रहे हैं, जब मीडिया द्वारा इस घपलेबाजी का ब्यूरो अधिकारी से जानना चाहा गया कुछ भी कहने से कतरा रहे मीडिया के सामने नही आ रहे नही बाईट दे रहे।
सरकारी माल में मिलावट एवं मूंग गायब होना अति गंभीर मामला है इससे सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हो सकता है ऐसे हालात में उपखंड अधिकारी रजिस्टर मंडी प्रशासन और मंडी समिति की ओर से तुरंत जांच के आदेश जारी किए जाने चाहिए थे लेकिन कोई भी अधिकारी इस पर बोलने को तैयार नहीं है ऐसे में इनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं ।
सुरेश पंवार


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