सालों पुराने जर्जर भवन में चल रहा सरकारी विद्यालय डर के साए में है विद्यार्थी
मारवाड़ जंक्शन पाली
जिले के मारवाड़ जंक्शन उपखंड से 20 किलोमीटर दूर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गुड़ा रामसिंह गांव का सरकारी विद्यालय भवन सालों पूर्व बना हुआ है
भवन पुरानी व जर्जर अवस्था में है ग्रामीणों ने बताया कि ये भवन 1947 में बनाई गई थी तब से ये विद्यालय इसी बिल्डिंग में संचालित है कमरे भी कम है
और यहां छात्र-छात्राओं को हर समय खतरा रहता है भवन भी छोटा एवं बहुत पुराना है ।
ग्रामीणों व सरपंच द्वारा बार-बार उच्च अधिकारियों एवं शिक्षा विभाग जिला कलेक्टर क्षेत्रीय विधायक क्षेत्रीय सांसद को ज्ञापन दिए
परंतु कुछ नहीं हो पाया आज भी छात्र-छात्राएं इसी पुरानी बिल्डिंग में बैठने को मजबूर है बरसात के समय में ये खतरा और भी बढ़ जाता है प्रशासन के दावे खोखले साबित हो रहे हैं शिक्षा विभाग भी इस ओर नहीं दे रहा है
जो कहीं बड़े हादसे का कारण न बन जाए पूर्णतया जर्जर इस भवन में चल रहा यह विद्यालय कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है ग्रामीणों ने बताया कि ये विद्यालय भी छोटा है मजबूरन विद्यालय भवन के अभाव में छात्र छात्राओं को इसी भवन में बैठना मजबूरी है भामाशाह द्वारा एक विद्यालय भवन भेट भी किया गया परंतु राज्य सरकार व शिक्षा विभाग द्वारा उसको मान्य नहीं किया गया
पेचीदा नियम के अनुसार दान किया गया भवन सरकार ने अस्वीकृत कर दिया जिसके चलते ग्रामीणों में आक्रोश है ।
सुरेश पंवार
मारवाड़ जंक्शन पाली
जिले के मारवाड़ जंक्शन उपखंड से 20 किलोमीटर दूर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गुड़ा रामसिंह गांव का सरकारी विद्यालय भवन सालों पूर्व बना हुआ है
भवन पुरानी व जर्जर अवस्था में है ग्रामीणों ने बताया कि ये भवन 1947 में बनाई गई थी तब से ये विद्यालय इसी बिल्डिंग में संचालित है कमरे भी कम है
और यहां छात्र-छात्राओं को हर समय खतरा रहता है भवन भी छोटा एवं बहुत पुराना है ।
ग्रामीणों व सरपंच द्वारा बार-बार उच्च अधिकारियों एवं शिक्षा विभाग जिला कलेक्टर क्षेत्रीय विधायक क्षेत्रीय सांसद को ज्ञापन दिए
परंतु कुछ नहीं हो पाया आज भी छात्र-छात्राएं इसी पुरानी बिल्डिंग में बैठने को मजबूर है बरसात के समय में ये खतरा और भी बढ़ जाता है प्रशासन के दावे खोखले साबित हो रहे हैं शिक्षा विभाग भी इस ओर नहीं दे रहा है
जो कहीं बड़े हादसे का कारण न बन जाए पूर्णतया जर्जर इस भवन में चल रहा यह विद्यालय कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है ग्रामीणों ने बताया कि ये विद्यालय भी छोटा है मजबूरन विद्यालय भवन के अभाव में छात्र छात्राओं को इसी भवन में बैठना मजबूरी है भामाशाह द्वारा एक विद्यालय भवन भेट भी किया गया परंतु राज्य सरकार व शिक्षा विभाग द्वारा उसको मान्य नहीं किया गया
पेचीदा नियम के अनुसार दान किया गया भवन सरकार ने अस्वीकृत कर दिया जिसके चलते ग्रामीणों में आक्रोश है ।
सुरेश पंवार


0 टिप्पणियाँ