पाली जिले में 22 व 23 मार्च को मेघ गर्जन के साथ वज्रपात तथा तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी
पाली
20 मार्च। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग एवं पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की एडवाईजरी के अनुरूप उप निदेशक कृषि विस्तार कार्यालय की और से जिले के सभी किसानों को खलिहानों में पड़ी फसलों के शीघ्रता से दाने निकालकर सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने पाली जिले में 22 व 23 मार्च को मेघ गर्जन के साथ वज्रपात तथा तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी दी है।
कृषि विस्तार उप निदेशक जितेन्द्रसिंह शक्तावत ने बताया कि मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग एवं पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने 22 व 23 मार्च को पाली जिले में मेघ गर्जन के साथ वज्रपात व 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाऐं चलने तथा कहीं कहीं ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। जिले के समस्त कृषकों को सलाह दी जाती है की वे खलिहानों में पड़ी फसलों के शीघ्रता से दाने निकालकर सुरक्षित स्थानों पर रखें। यदि दाने निकालने में अभी समय हो तो कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखे ताकि प्रतिकुल मौसमी परिस्थितियों में कटी हुई फसल को बचाया जा सके और जो फसल काटने की स्थति में है उसे भी तुरंत कटाई कर सुरक्षित स्थानों पर रखें।
उन्होंने बताया कि प्रतिकुल मौसमी परिस्थितियों से खड़ी फसल (बुआई से कटाई) में बाड़, जलप्लावन, कीट-व्याधि, भूस्खलन, प्राकृतिक आग, बिजली गिरना, तुफान, ओलावृष्टि, चक्रवात, आंधी, समुद्री तुफान, भंवर एवं बवण्डर से होने वाले नुकसाने के लिए व्यापक जोखिम बीमा राज्य सरकार द्वारा संपादित फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्त उपज आंकडों के आधार पर देय है। उन्होंने बताया कि फसल कटाई उपरांत सुखने के लिए खेत में काटकर-फैलाकर छोडी गई फसल को चक्रवात, चक्रवाती वर्षा, असामयिक वर्षा तथा ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान (कटाई के बाद 14 दिन तक होने वाले नुकसान) का क्लेम व्यक्ति आधार पर देय है। बीमित फसलों में नुकसान होने पर 72 घंटों में कम्पनी के टोल फ्री नम्बर 18001024088 पर फसल खराब होने की शिकायत दर्ज करवाएं या सात दिवस में लिखित में बीमाकर्ता बैंक अथवा कृषि विभाग के नजदीकी कार्यालय को सूचना दे सकते है ।
रिपोर्टर-रमेश दायमा

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