संयुक्त निदेशक ने अस्पताल का किया निरीक्षण
अस्पताल की अवस्थाओं पर जताई नाराजगी
लेखाकार को किया एपीओ
सोजत पाली
जिले के दूसरे सबसे बड़े राजकीय चिकित्सालय का चिकित्सा विभाग के सयुक्त निदेशक डाॅ.एस के भण्डारी व सीएमएचओ आरपी मिर्धा ने सोजत अस्पताल का आकस्मिक निरिक्षण किया। जिससे अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरानअस्पताल में व्याप्त अव्यवस्था देखकर
सयुक्त निदेशक डाॅ.भण्डारी भड़क गए और एक कर्मचारी ओम पालीवाल को एपीओ कर दिया। अस्पताल में विभागीय अधिकारी आने की सुचना पाकर सोजत के जन प्रतिनिधी व लोग भी अस्पताल पहुँच गए और लम्बे समय से बन्द पडा़ आईसीयू वार्ड और अस्पताल में अव्यवस्थाओं के बारे अधिकारियों को अवगत कराया। वहीं निदेशक भण्डारी ने अस्पताल निरीक्षण किया तथा खामियों के बारे में चिकित्सा प्रभारी को हिदायत देते हुए पूरा करने का निर्देश दिया। उसके बाद सयुक्त निदेशक डाॅ.भण्डारी ने सोजत पीएमओ अनुसुर्या हर्ष को पुनः आईसीयू वार्ड सुचारू करने और अन्य समस्याओं के समाधान पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। उसके बाद निदेशक भंडारी ने चिकित्सा अधिकारियों एवं लोगों के साथ पीएमओ कक्ष में एक बैठक करी बैठक में वीर बहादुर सिघाडिया,नगर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र पालरिया, अशोक खींची,अशोक बारहठ,रतन इचरसा सहित डॉक्टर अनुसूया, हर्ष,राजेश गुप्ता सहित अस्पताल के चिकित्सक उपस्थित थे। बैठक में बताया कि अस्पताल बनी पानी की टंकी लीकेज होने के कारण अस्पताल की दीवार जर्जर अवस्था में है वही बरसात के दिनों में अस्पताल के कई वार्डों में छतो से पानी टपकता है वही लेबर रूम,शिशु वार्ड में गंदगी के अलावा दवा वितरण केंद्र में फैली अव्यवस्था पर निदेशक भंडारी ने नाराजगी जाहिर की। बैठक में लोगों ने कहां की सोजत शहर नेशनल हाईवे पर स्थित है तथा जिले का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल होने के कारण यहां पर रायपुर,जैतारण,मारवाड़ जंक्शन, बिलाड़ा सहित कई जगहों के गंभीर मरीज यहां पर आते हैं परंतु यहां पर ट्रॉमा यूनिट की व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों का प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है जिसके कारण कई गंभीर मरीज बीच रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं लोगों ने कहा कि यहां पर एक ट्रॉमा यूनिट की आवश्यकता है वही लोगों ने बताया कि अस्पताल में अव्यवस्था के कारण लंबे समय राजस्थान मेडिकल रिलीफ सोसायटी की बैठक नहीं हो रही है जिसके कारण बजट का उपयोग भी नहीं हो रहा हैं।
रिपोर्टर - नत्थाराम बोराणा
अस्पताल की अवस्थाओं पर जताई नाराजगी
लेखाकार को किया एपीओ
सोजत पाली
जिले के दूसरे सबसे बड़े राजकीय चिकित्सालय का चिकित्सा विभाग के सयुक्त निदेशक डाॅ.एस के भण्डारी व सीएमएचओ आरपी मिर्धा ने सोजत अस्पताल का आकस्मिक निरिक्षण किया। जिससे अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरानअस्पताल में व्याप्त अव्यवस्था देखकर
सयुक्त निदेशक डाॅ.भण्डारी भड़क गए और एक कर्मचारी ओम पालीवाल को एपीओ कर दिया। अस्पताल में विभागीय अधिकारी आने की सुचना पाकर सोजत के जन प्रतिनिधी व लोग भी अस्पताल पहुँच गए और लम्बे समय से बन्द पडा़ आईसीयू वार्ड और अस्पताल में अव्यवस्थाओं के बारे अधिकारियों को अवगत कराया। वहीं निदेशक भण्डारी ने अस्पताल निरीक्षण किया तथा खामियों के बारे में चिकित्सा प्रभारी को हिदायत देते हुए पूरा करने का निर्देश दिया। उसके बाद सयुक्त निदेशक डाॅ.भण्डारी ने सोजत पीएमओ अनुसुर्या हर्ष को पुनः आईसीयू वार्ड सुचारू करने और अन्य समस्याओं के समाधान पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। उसके बाद निदेशक भंडारी ने चिकित्सा अधिकारियों एवं लोगों के साथ पीएमओ कक्ष में एक बैठक करी बैठक में वीर बहादुर सिघाडिया,नगर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र पालरिया, अशोक खींची,अशोक बारहठ,रतन इचरसा सहित डॉक्टर अनुसूया, हर्ष,राजेश गुप्ता सहित अस्पताल के चिकित्सक उपस्थित थे। बैठक में बताया कि अस्पताल बनी पानी की टंकी लीकेज होने के कारण अस्पताल की दीवार जर्जर अवस्था में है वही बरसात के दिनों में अस्पताल के कई वार्डों में छतो से पानी टपकता है वही लेबर रूम,शिशु वार्ड में गंदगी के अलावा दवा वितरण केंद्र में फैली अव्यवस्था पर निदेशक भंडारी ने नाराजगी जाहिर की। बैठक में लोगों ने कहां की सोजत शहर नेशनल हाईवे पर स्थित है तथा जिले का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल होने के कारण यहां पर रायपुर,जैतारण,मारवाड़ जंक्शन, बिलाड़ा सहित कई जगहों के गंभीर मरीज यहां पर आते हैं परंतु यहां पर ट्रॉमा यूनिट की व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों का प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है जिसके कारण कई गंभीर मरीज बीच रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं लोगों ने कहा कि यहां पर एक ट्रॉमा यूनिट की आवश्यकता है वही लोगों ने बताया कि अस्पताल में अव्यवस्था के कारण लंबे समय राजस्थान मेडिकल रिलीफ सोसायटी की बैठक नहीं हो रही है जिसके कारण बजट का उपयोग भी नहीं हो रहा हैं।
रिपोर्टर - नत्थाराम बोराणा


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